हरियाणा

चंडीगढ़ के भूतिया बंगले का सच ! बाप-बेटी को रेस्क्यू करके पुलिस ने निकाला

Satyakhabarindia

चंडीगढ़ के भूतिया बंगले का सच ! बाप-बेटी को रेस्क्यू करके पुलिस ने निकाला

चंडीगढ़ के पॉश एरिया सेक्टर-36 स्थित कोठी नंबर 1588 जिसे लोग भूतिया बंगला कह रहे हैं, उस घर में प्रशासन की टीम पहुंची और घर में रह रहे लोगों को रेस्क्यू किया. इस भूतिया बंगले में 94 वर्षीय रिटायर्ड मेजर हरचरण सिंह चड्डा और उनकी 58 वर्षीय बेटी जीवजोत ने खुद को कैद किया हुआ था.

 

दुष्यंत परिवार को इकट्ठा कर किसानों के बीच आएं फिर किसान फैसला करेंगे क्या करना है: राकेश टिकैत

बता दे कि जब भूतिया बंगला का मामला उजागर हुआ उसके बाद 23 फरवरी को प्रशासन से एसडीएम साउथ रूपेश कुमार ने कमेटी का गठन करके एक सप्ताह में रिपोर्ट देने की मांग रखी थी. जिसके बाद रेस्क्यू टीम तहसीलदार मनदीप ढिल्लो, नोडल ऑफिसर एसएचओ जसपाल सिंह, एल्डर हेल्पलाइन प्रोजेक्ट डायरेक्टर विक्रम गोठवानी के नेतृत्व में कोठी पर पहुंची. नोडल ऑफिसर जसपाल सिंह ने पहल करते हुए वीरवार को मकान को मैं बंद मेजर हरचरण सिंह के बेटे सर्व प्रीत सिंह को मौके पर बुलाया और मेडिकल टीम सोशल वेलफेयर टीम के साथ विभिन्न विभागों के सदस्यों ने दोनों बाप बेटी को घर से बाहर निकाल कर उनका रेस्क्यू किया. जैसे ही रेस्क्यू टीम घर के अंदर पहुंची तो नजारा ही अलग था.

चंडीगढ़ के भूतिया बंगले का सच ! बाप-बेटी को रेस्क्यू करके पुलिस ने निकाला

मेजर की बेटी जीवजोत कभी कबार राशन लेने के लिए घर से बाहर निकलती थी ओर एक बार में ही कई महीनों का राशन लेकर फिर से घर में ही कैद हो जाती थी.घर में बिजली का कनेक्शन तक नहीं है. रेस्क्यू  के बाद 58 वर्षीय जीवजोत की मानसिक हालत को देखते हुए जीएमसीएच-32 के मनोवैज्ञानिक वार्ड में भर्ती किया है. वहीं, मेजर हरचरण सिंह चड्ढा को भी अस्पताल भेजा गया है. टीम ने घर में बंद दो कुत्तों को भी निकाला है. उल्लेखनीय है कि यह घर कई वर्षों से बंद पड़ा हुआ था जो कि जंगल बन चुका है और दोनों बाप-बेटी ने खुद को इसी घर में कैद किया हुआ था.

 

भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जज सुधीर परमार समेत पांच बरी

58 वर्षीय जीवजोत ने काउंसलिंग में बताया कि उनके घर को कोई हड़पना चाहता है. जबकि हम संपत्ति पीजीआई को दान करना चाहते हैं. घर में बिजली का कनेक्शन खुद कटवाया था क्योंकि किसी ने कुंडी लगाकर बिजली चोरी करना शुरू कर दिया था. उसने टीम को बताया कि वह बाप बेटी किसी से मिलना नहीं चाहते क्योंकि कोई उनका भला नहीं चाहता था.

 

 

बारातियों की आपस में कहासुनी में चाकू घोंपकर एक बाराती की हत्या

पिता के व्यवहार के कारण बेटे ने छोड़ा घर

बेटे सरप्रीत ने बयान में बताया कि पिता हरचरण सिंह का व्यवहार बहुत ज्यादा सख्त था. क्योंकि वह सामान्य लोगों के साथ मिलना नहीं चाहते थे. इसके चलते 30 वर्ष पहले उसने घर छोड़कर गुरुग्राम में किसी इंटरनेशनल कंपनी में काम शुरू कर दिया था. इस समय शुक्ला के अमरावती एनक्लेव में किराए पर अपने परिवार के साथ रह रहा है.

source: chaupal tv

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button